पढ़ाई
मद्य प्रसाद रात के ढाई बजे चुपके से घर में दाख़िल हुए और एक बड़ी किताब लेकर पढ़ने बैठ गये। पत्नी को उनके आने की भनक लग गयी। वह तुरन्त आयी और बोली- तुम आज फ़िर पीकर आए हो!
मद्य प्रसाद ने सफ़ाई दी- न...नहीं तो!
इस पर पत्नी ने पूछा- फ़िर यह सूटकेस खोलकर क्या बड़बड़ा रहे हो?
Illustration © T.C. Chander 2010, New Delhi, India
Results of the 5th Diogenes of Sinop Cartoon Competition 2026, Turkey
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*THE 5TH INTERNATIONAL DIOGENES OF SINOP*
*CARTOON COMPETITION **ON*
*“REPUBLIC AND DEMOCRACY”*
*HAS CONCLUDED*
The 5th International Diogenes of Sinop Ca...


वाह ! बहुत बढ़िया :)
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