
ऊंचा
पार्क में बैंच पर दो लोग बैठे थे। एक बोला- माफ़ कीजिएगा, घण्टे भर से आप कुछ बोल रहे हैं पर मैं कुछ समझा नहीं। दरअसल मैं जरा ऊंचा सुनता हूं...
दूसरा बोला- आपको गलतफ़हमी हुई है, मैं कुछ बोल नहीं रहा बल्कि च्यूइंग गम चबा रहा हूं!
चित्र: चन्दर

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